Monday, June 8, 2009

रेलगाड़ी-रेलगाड़ी

चित्र- आर्या


पिछले हफ्ते इस गाने को हम लोगों ने अपनी हिन्दी की कक्षा में सीखा। हम लोगों ने रेलगाड़ी बनायी और लम्बी कतार में दौड़ते हुए इस गाने को कई बार गाया और सभी बच्चों को बहुत आनन्द आया।


रेलगाड़ी-रेलगाड़ी,
लम्बी सी रेलगाड़ी।

बच्चों मेरे पीछे आओ,
लम्बी सी कतार बनाओ।

गार्ड झंडी दिखलाएगा,
सिगनल डाउन हो जाएगा।

तब सीटी मारेगा इंजन,
छुक-छुक-छुक-छुक करेगा इंजन।

झट पीछे-पीछे आना,
गाड़ी के डिब्बे बनना।

हल्ला-गुल्ला सरपट दौड़,
बच्चों तब होगा एक शोर।

देखो-देखो रेल है आई,
सबको स्टेशन पर लाई।

बच्चों खत्म हुआ यह खेल,
आओ बनाएं फिर से रेल।

रचना- रानी पात्रिक

14 comments:

  1. कक्षा अवश्य ही अच्छी रही होगी, गीत सुन्दर है . आर्या का चित्र मनभावन है .

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  2. बहुत बढिया बाल गीत है।

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  3. नमस्कार अच्छा लगा की आप मेरे ब्लॉग पर आये दूर देश में आप हिंदी की सेवा कर रहे है यह वास्तव में अपनी माठी की ही सुंगंध तो है न ! आपको साधुवाद

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  4. bahut hi sunder bal kavita likhi hai ...acha laga apki kavita padh kar

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  5. पहलि बार अप्क ब्लोग देखा बहुत बडिया है अब तो हमे भी आप्की रेल पर च्ढना पडेगा शुभ्कामनायें

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  6. aap boht achha kaam kar rahe hai....nice blog...

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  7. aapkaa blog pasand aayaa ...sachchi duniyaa ki sarltaa aur hindi kaa aapkaa junoon badhai

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  8. bahut pyari kavita pesh ki hai aapne

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  9. हिंदी सिखाने में अपनी स्वरचित रचनाओं का प्रयोग यह दर्शाता है कि आप अपने काम को कितनी निष्ठा और आनंद पूर्वक कर रही है. रचना के लिए बधाई और हिंदी सेवा के लिए आभार.

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  10. aaj phir aapke railgadi par sawari ki.....

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  11. बहुत सुंदर है आपका प्रयास . जानकर मन छल छला गया की आप हिंदी के लिए इतनी प्रयासशील हैं .मेरी ढेरों शुभाkaक्षायें हैं .

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